Bhajan Bin Jiwan Manahu Masan
भजन महिमा भजन बिन जीवन मनहुँ मसान जीवन के जीवन मनमोहन, उन बिन मरन समान चलत फिरत दीखत जो यह तन,सो जनु प्रेत समान कहा काम आवहिगो वैभव, जब तन को अवसान जो कछु मिल्यौ न फल्यौ जगत में, कियो न हरि गुण-गान है बस यही चातुरी साँची, भजै स्याम रसखान
Man Tu Kahe Bhayo Achet
प्रबोधन मन! तू काहे भयो अचेत भटकत रह्यो व्यर्थ में अब तक, कियो न हरि से हेत पायो मानुष-जन्म हाय! तू ताहि वृथा कर देत अरे भूलि हीरा कों बौरे, करत काँच सो हेत प्राननाथ सों प्रीति न करि तू, पूजत पामर प्रेत सुमिर सुमिर रे! सदा स्याम को, संतत स्नेह समेत
Man Ga Tu Madhav Rag Re
चेतावनी मन गा तू माधव राग रे, कर माधव से अनुराग रे कृष्ण भजन को नर तन पाया, यहाँ आय जग में भरमाया छोड़ छोड़ यह माया छाया, श्याम सुधारस पाग रे माधव ही तेरा अपना है, और सभी कोरा सपना है दुनिया से जुड़ना फँसना है, इस बंधन से भाग रे मोह निशा में […]
Man Mohak Sab Saj Sajyo Ri
पुष्प सज्जा मन मोहक सब साज सज्यो री फूलमयी यह जुगल जोति लखि, सखियन को मन फूल रह्यो री फूलन के ही मुकुट चन्द्रिका, फूलन ही को पाग फल्यौ री फूलन के ही गजरा कुण्डल, फूलन को ही हार सज्यौ री फूलन के ही कंकण कचुँकि, फूलन को भुजबन्ध बन्धौ री फूलन के ही नूपुर […]
Madhav Mera Moh Mita Do
मोह मिटा दो माधव! मेरा मोह मिटा दो किया इसी ने विलग आप से, इसको नाथ हटा दो जल तरंगवत भेद न तुमसे, इसने भेद कराया इसही ने कुछ दूर-दूर रख, भव-वन में भटकाया यही मोह माया है जिसने, तुमसे विरह कराया जिसका मोह मिटा वह तुमसे निस्संदेह मिल पाया
Mare Jivan Dhan Nandlal
निवेदन मेरे जीवन धन नंदलाल तुम बिनु मेरे प्राणनाथ! ये तन मन बहुत विहाल तरसहिं नयन दरस को निसिदिन, लागहिं भोग बवाल इसी भाँति सब वयस बिताई, मिले ने तुम गोपाल कहा करों, कोउ पन्थ न सूझत, कैसे मिलि हो लाल मेरे जीवन के जीवन तुम, तुम बिनु सब जंजाल कहा तिहारी बान प्रानधन, तरसावहु […]
Mere Pyare Sanware
प्राणाधार मेरे प्यारे साँवरे! तुम कित रहे दुराय आवहु मेरे लाड़िले! प्रान रहे अकुलाय प्रिया प्रानधन लाड़िले, अटके तुम में प्रान आवन की आसा लगी, देत न इत उत जान ललित लड़ैती स्वामिनी! सुषमा की आगार तू ही पिय के प्रीति की, एकमात्र आधार आजा मेरे लाड़िले! नयननि रखिहों तोय ऐसी कर करुना कबहुँ, फेर […]
Main Kou Bichadi Cheri Tihari
बिछुड़ी चेरी मैं कोउ बिछुड़ी चेरि तिहारी तुम सौ बिछुर स्वामिनी! जग में डोली मारी मारी अपनी का करतूत कहों, यह लीला सबहि तिहारी जहाँ गई ज्यों त्यों सुख दुख में, सारी वयस गुजारी सबसों हो निरास अब राधे! आई सरन तिहारी अपुनी को अपनाय हरहु अब, हिय की हलचल भारी देहु चरण चाकरी लाड़िली, […]
Rup Rasi Shri Radha Rani
श्री राधा रूपरासि श्री राधा रानी मोहन की मन मोहिनि भामिनि, सखियन की स्वामिनी सुखदानी कनक कान्ति कमनीय कलेवर, तापै नील निचोल सुहानी चंद्रवदन पे चारु चन्द्रिका, चहुँ दिसि अहो छटा छिटकानी कनक करधनी सोहै अनुपम, रतन जटित नहिं जात बखानी पायन की पायल की रुनझुन, सुनि मुनिजन की मति बौरानी मोहन हूँ की सोहनी […]
Re Man Krishna Nam Jap Le
श्री कृष्ण स्मरण रे मन कृष्ण नाम जप ले भटक रहा क्यों इधर उधर तू, कान्ह शरण गह ले जनम मरण का चक्कर इससे, क्यों न मुक्त हो जाये यह संसार स्वप्न के जैसा, फिर भी क्यों भरमाये जिनको तू अपना है कहता, कोई भी नहीं तेरा मनमोहन को हृदय बिठाले, चला चली जग फेरा