Udho Braj Ki Yad Satave

ब्रज की याद ऊधो! ब्रज की याद सतावै जसुमति मैया कर कमलन की, माखन रोटी भावै बालपने के सखा ग्वाल, बाल सब भोरे भारे सब कुछ छोड़ मोहिं सुख दीन्हौ, कैसे जाय बिसारे ब्रज-जुवतिन की प्रीति -रीति की, कहा कहौं मैं बात लोक-वेद की तज मरजादा, मो हित नित ललचात आराधिका, नित्य आराध्या, राधा को […]

Jay Jay Brajraj Kunwar

रूप छटा जय जय ब्रजराज-कुँवर, राधा मन-हारी मुरलीधर मधुर अधर, जमुना तट चारी नील बरन पीत वसन, संग ग्वाल गोपीजन मुनिमन हर, मंद हँसन, गुंज-माल धारी निरतत नटवर सुवेष, सोहै सिर मोर-मुकुट हरत मदन मद असेस, गोपी-सुख-कारी

Jugal Chavi Harati Hiye Ki Pir

युगल छवि जुगल छवि हरति हिये की पीर कीर्ति-कुँअरि ब्रजराम-कुँअर बर ठाढ़े जमुना-तीर कल्पवृच्छ की छाँह सुशीतल, मंद-सुगंध समीर मुरली अधर, कमल कर कोमल, पीत-नील-द्युति चीर मुक्ता-मनिमाला, पन्ना गल, सुमन मनोहर हार भूषन विविध रत्न राजत तन, बेंदी-तिलक उदार श्रवननि सुचि कुण्डल झुर झूमक, झलकत ज्योति अपार मुसुकनि मधुर अमिय दृग-चितवनि, बरसत सुधा सिंगार

Jo Kuch Bhi Milta Hai Hamko

सेवा धर्म जो कुछ भी मिलता है हमको, उसमें सबका हिस्सा जान उससे सुलभ हमें होएगी, निश्चित ही सुख शांति महान विद्यादान करो अनपढ़ को,रोगी को औषधि का दान वस्त्रहीन को वस्त्रदान दो, किन्तु न करो जरा अहसान भूखे को तो भोजन देना, गृह विहीन को आश्रय दान भूले को सन्मार्ग बता दो, सभी रूप […]

Bana Do Vimal Buddhi Bhagwan

विमल बुद्धिबना दो विमल बुद्धि भगवान् तर्कजाल सारा ही हर लो, हरो द्वेष अभिमान हरो मोह, माया, ममता, मद, मत्सर, अपना जान कलुष काम-मति, कुमति हरो हरि, हरो त्वरित अज्ञान दम्भ, दोष, दुर्नीति हरण कर, करो सरलता दान भरदो हृदय भक्ति-श्रद्धा से, करो प्रेम का दान  

Madhuri Murali Adhar Dhare

मुरली का जादू माधुरी मुरली अधर धरैं बैठे मदनगुपाल मनोहर सुंदर कदँब तरैं इत उत अमित ब्रजबधू ठाढ़ी, विविध विनोद करैं गाय मयूर मधुप रस माते नहीं समाधि टरैं झाँकी अति बाँकी ब्रजसुत की, कलुष कलेश हरैं बसत नयन मन नित्य निरंतर, नव नव रति संचरैं

Muraliya Mat Baje Ab Aur

मुरली का जादू मुरलिया! मत बाजै अब और हर्यौ सील-कुल-मान करी बदनाम मोय सब ठौर रह्यो न मोपै जाय सुनूँ जब तेरी मधुरी तान उमगै हियौ, नैन झरि लागै, भाजन चाहैं प्रान कुटिल कान्ह धरि तोय अधर पर, राधा राधा टेरे रहै न मेरौ मन तब बस में, गिनै न साँझ सवेरे

Radha Ju Mo Pe Aaj Dharo

श्री राधाजी की कृपा राधाजू! मो पै आजु ढरौ निज, निज प्रीतम की पद-रज-रति, मोय प्रदान करौ विषम विषय रस की सब आशा, ममता तुरत हरौ भुक्ति मुक्ति की सकल कामना, सत्वर नास करौ निज चाकर चाकर की सेवा मोहि प्रदान करौ राखौ सदा निकुंज निभृत में, झाड़ूदार बरौ  

Radha Ghar Kanan Main Radha

जीवन सर्वस्व राधा राधा घर, कानन में राधा, राधा नित यमुना के तीर राधा मोद, प्रमोद राधिका, राधा बहै नयन बन नीर राधा प्राण बुद्धि सब राधा, राधा नयनों की तारा राधा ही तन मन में छाई, प्रेमानंद सुधा धारा राधा भजन, ध्यान राधा ही, जप तप यज्ञ सभी राधा राधा सदा स्वामिनी मेरी, परमाराध्या […]

Vando Shri Radha Charan

युगल स्वरूप झाँकी वन्दौं श्री राधाचरन, पावन परम उदार भय विषाद अज्ञानहर, प्रेम भक्ति दातार रास-बिहारिनि राधिका, रासेश्वर नँद-लाल ठाढ़े सुंदरतम परम, मंडल रास रसाल मधुर अधर मुरली धरे, ठाढ़े स्याम त्रिभंग राधा उर उमग्यौ सु-रस रोमांचित अँग-अंग विश्वविमोहिनी श्याम की, मनमोहिनि रसधाम श्याम चित्त उन्मादिनी, राधा नित्य ललाम परम प्रेम-आनंदमय, दिव्य जुगल रस-रूप कालिंदी-तट […]