Chabili Radhe Puje Ri Gangour

गणगौर पूजन छबीली राधे पूजे री गणगौर ललितादिक सब सखियाँ पहुँची वृषभान की पौर पारबती शिवजी को पूजन, श्याम सुन्दर मन मोर सघन कुंज, वृन्दावन अनुपम मिलि गयौ नंद-किसोर ‘नंददास’ प्रभु आय अचानक, घेरी लियो चहुँ ओर  

Jag Janani Radhika Ko Pranam

श्री राधा माहात्म्य जगजननी राधिका को प्रणाम सच्चिदानन्द विग्रह जिनका, लीला रस की वे दिव्य धाम जो परमतत्व श्रीकृष्ण उन्हीं की, परम शक्ति हैं श्रीराधा वे शक्तिमान की आत्मा ही, हर लें भक्तों की भव बाधा जो सकल कलाओं की प्रसविनि, सुन्दरता की वे प्रतिमा हैं भगवान कृष्ण के मन को वे मोहित आल्हादित करती […]

Jagat Main Jivan Kuch Din Ka

नश्वर जीवन जगत् में जीवन कुछ दिन का देह मिली मानव की प्रभु से कर न गर्व इसका सदुपयोग तूँ कर विवेक का, मत कर तूँ मन का काल बली माथे पर नाचे, पता नहीं छिन का राम नाम के दो अक्षर में, सब सुख शांति समाई राम नाम भजले मनवा तूँ, भवसागर तर जाई […]

Jagat Main Jivan Ke Din Char

नश्वर जीवन जगत में जीवन के दिन चार मिला विवेक प्रभु से हमको, इसका करो विचार फँस मत जाना यहाँ मोह में, सभी कपट व्यवहार किसका तूँ है कौन तुम्हारा, स्वार्थ पूर्ण संसार मानव तन दुर्लभ दुनिया में, कर सेवा उपकार प्रभु से प्रीति लगाले प्यारे, नहीं करें भव-पार 

Jagat Main Jhuthi Dekhi Preet

प्रबोधन जगत् में झूठी देखी प्रीत अपने ही सुख से, सब लागे, क्या दारा क्या मीत मेरो मेरो सभी कहत है, हित सौं बाँध्यो चीत अन्तकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत मन मूरख अजहूँ नहिं समुझत यह कैसी है नीत ‘नानक’ भव-जल पार परै, जो गावै प्रभु के गीत  

Jagat Se Prabho Ubaro

शरणागति जगत से प्रभो उबारो हे घट घट वासी, मैं पापी, मुझको आप सँभारो मुझे विदित है तुम सेवक के, दोष नहीं मन लाते ग्वाल-बाल संग क्रीड़ा करते, गाय चराने जाते तुम को प्यार गरीबों से प्रभु, साग विदुर घर खाते शबरी, सुदामा, केवट को, प्रभु तुम ही हो अपनाते तार दिया तुमने भव जल […]

Jab Gaye Shyam Mathura Udho

विरह व्यथा जब गये श्याम मथुरा ऊधो, तब से गोकुल को भूल गये यो कहते नन्द यशोदा के, आँखों से आँसू छलक गये वह सुघड़ वेष कटि पीताम्बर, मुख कमल नित्य ही स्मरण करे संग ग्वाल सखा, वंशी वादन, वृन्दावन में लाला विचरे इस तरह नित्य मैया बाबा, सुत स्नेह लहर में थे बहते स्तन […]

Jab Murali Bajaye Muralidhar

मुरली मोहिनी जब मुरली बजायें मुरलीधर, उसके स्वर में हो मग्न सभी पशु पक्षी सभी सुन कर वंशी, वे कान लगायें उसी ओर मृग पत्नी सहित गौएँ बछड़े, निस्तब्ध चकित होए विभोर अधरामृत मुरली पान करे, स्वर उसमें भरते श्याम जभी सहचरी श्याम की है मुरली, वे नहीं छोड़ते उसे कभी इसने मन मोह लियासब […]

Jamuna Tat Kridat Nand Nandan

होली जमुनातट क्रीड़त नँदनंदन, होरी परम सुहाई युवती-यूथ संग ले राधा, सन्मुख खेलन आई रत्नजटित पिचकारी भरि के, सखी एक ले धाई प्राणप्रिया मुख निरख स्याम को, छिरकत मृदु मुसकाई तब ही गुलाल भरी मुट्ठी में, पिय की ओर चलाई मानों उमगि प्रीति अतिशय हो, बाहिर देत दिखाई दौरि अचानक कुँवरि राधिका, गहे स्याम सुखदाई […]

Jay Jayati Jay Raghuvansh Bhushan

श्रीराम स्तुति जय जयति जय रघुवंश भूषण, राम राजिव लोचनम् त्रय ताप खण्डन जगत् मण्डन ध्यान गम्य अगोचरम् अद्वैत अविनाशी अनिन्दित, मोद प्रद अरि गंजनम् भव वारिधि के आप तारक, अन्य जगत् विडम्बनम् हे दीन दारिद के विदारक! दयासिन्धु कृपा करम् हे आश्रितों के आप पालक! दु:ख शोक विनाशकम्