Gyan Mohi Dije Maharani
देवी स्तवन ज्ञान मोहिं दीजै महारानी मैं धरूँ तिहारो ध्यान, भक्ति मोहिं दीजै महारानी मैं करूँ सदा गुणगान, ज्ञान मोहि दीजै महारानी ब्रह्मा-शिव-हरि तुमको ध्यावे, हे अभीष्ट दानी ऋषि-मुनि जन सब करे वन्दना, हे माँ कल्याणी जय दुर्गे दुर्गति, दुःख नाशिनि अमित प्रभा वाली देवि सरस्वति लक्ष्मी रूपिणि, ललिता, महाकाली कर्णफूल, केयूर अरु कंगन, रत्न […]
Jhula Jhule Shri Giridhari
झूला झूला झूले श्री गिरधारी मणिमय जटित हिंडोला बैठे, संग में प्राण पियारी वाम भाग सोहत श्री राधा, पहन लहरिया सारी शीतल मन्द सुगन्धित वायु, श्याम घटा मनहारी कोकिल मोर पपीहा बोले, मधुर गान सुखकारी फूल-हार, फूलों का गजरा, युगल रूप छबि न्यारी
Jhule Yugal Kishor
झूला झूले युगल किशोर अति आनन्द भरे रस गावत, लेत प्रिया चित चोर कंचन मणि के खम्भ बनाये, श्याम घटा घन घोर पीत वसन दामिनी छवि लज्जित, बोलन लागे मोर रत्न जटित पटली पर बैठे, नागर नन्द किशोर
Tan Man Se Gopiyan Priti Kare
व्यथित गोपियाँ तन मन से गोपियाँ प्रीति करें, यही सोच कर प्रगटे मोहन कटि में पीताम्बर वनमाला और मोर मुकुट भी अति सोहन कमनीय कपोल, मुस्कान मधुर, अद्वितीय रूप मोहन का था उत्तेजित कर तब प्रेम भाव जो परमोज्ज्वल अति पावन था वे कण्ठ लगे उल्लास भरें, श्रीकृष्ण करें क्रीड़ा उनसे वे लगीं सोचने दुनियाँ […]
Tan Rakta Mans Ka Dhancha Hai
चेतावनी तन रक्त माँस का ढाँचा है, जो ढका हुआ है चमड़े से श्रृंगार करे क्या काया का, जो भरी हुई है दुर्गन्धों से खाये पीये कितना बढ़िया, मल-मूत्र वहीं जो बन जाता ऐसे शरीर की रक्षा में, दिन रात परिश्रम है करता मन में जो रही वासनाएँ, वे अन्त समय तक साथ रहें मृत्योपरांत […]
Teertha Mahan Prayag Hamare Klesh Bhagaye
प्रयाग माहात्म्य तीर्थ महान् प्रयाग हमारे क्लेश भगाये स्नान करें त्रिवेणी जल में दुःख मिटाये गंग श्वेत जल मिले श्याम जल यमुनाजी में सरस्वती भी आन मिले अदृश्य इन्हीं में योग बिना ही सिद्धि मिले, सेवें प्रयाग को दर्शन और प्रणाम करें, हम तीर्थ-राज को
Tum Prem Ke Ho Ghanshyam
प्रेमवश प्रभु तुम प्रेम के हो घनश्याम गोपीजन के ऋणी बने तुम, राधा वल्लभ श्याम शबरी के जूँठे फल खाये, सीतापति श्रीराम लंका राज विभीषण पायो, राम भक्ति परिणाम बंधन मुक्त करे निज जन को, जसुमति बाँधे दाम गाढ़ी प्रीत करी ग्वालन संग, यद्यपि पूरम-काम व्यंजन त्याग साग को भोजन, कियो विदुर के ठाम राजसूय […]
Tum Bin Pyare Kahun Sukh Nahi
स्वार्थी संसार तुम बिन प्यारे कहुँ सुख नाहीं भटक्यो बहुत स्वाद-रस लम्पट, ठौर ठौर जग माहीं जित देखौं तित स्वारथ ही की निरस पुरानी बातें अतिहि मलिन व्यवहार देखिकै, घृणा आत है तातें जानत भले तुम्हारे बिनु सब, व्यर्थ ही बीतत सांसे ‘हरिचन्द्र’ नहीं टूटत है ये, कठिन मोह की फाँसे
Tumi Bandhu Tumi Nath
शरणागति तुमि बंधु, तुमि नाथ, निशिदिन तुमि आमार तुमि सुख, तुमि शान्ति, तुमि हे अमृत पाथार तुमिइ तो आनन्दलोक, जुड़ाओ प्राण नाशो शोक ताप हरण तोमार चरण, असीम शरण दीन जनार
Tulsi Mira Sur Kabir
भक्त कवि तुलसी मीरा सूर कबीर, एक तूणीर में चारों तीर इन तीरों की चोट लगे तब रक्त नहीं, बहे प्रेम की नीर एक तूणीर में चारो तीर, तुलसी मीरा सूर कबीर तुलसीदास हैं राम पुजारी, मीरा के प्रभु गिरधारी सूरदास सूरज सम चमके, सहज दयालु संत कबीर एक तूणीर में चारो तीर, तुलसी मीरा […]